अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 4.6% बढ़कर ₹1.96 लाख करोड़ पर पहुंचा — जानिए पूरी डिटेल
नई दिल्ली, नवंबर 2025: भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन अक्टूबर महीने में ₹1.96 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 4.6% की वृद्धि दर्शाता है। यह लगातार छठा महीना है जब मासिक जीएसटी कलेक्शन ₹1.90 लाख करोड़ से ऊपर रहा है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह वृद्धि भारत की मजबूत आर्थिक गतिविधियों, उच्च खपत और बेहतर टैक्स कंप्लायंस का परिणाम है।
🔹 क्या है इस महीने का कुल कलेक्शन?
अक्टूबर 2025 में कुल जीएसटी कलेक्शन ₹1,96,020 करोड़ रहा, जिसमें:
- CGST (सेंट्रल जीएसटी): ₹35,870 करोड़
- SGST (स्टेट जीएसटी): ₹45,390 करोड़
- IGST (इंटीग्रेटेड जीएसटी): ₹1,04,180 करोड़
- Cess: ₹10,580 करोड़ (जिसमें ₹1,100 करोड़ इम्पोर्ट से)
सितंबर 2025 की तुलना में यह आंकड़ा लगभग ₹5,000 करोड़ अधिक है।
🔹 किन राज्यों में सबसे ज्यादा कलेक्शन?
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु ने सबसे ज्यादा जीएसटी रेवेन्यू दर्ज किया।
- महाराष्ट्र – ₹33,200 करोड़
- कर्नाटक – ₹17,800 करोड़
- गुजरात – ₹15,600 करोड़
- तमिलनाडु – ₹14,400 करोड़
- उत्तर प्रदेश – ₹10,700 करोड़
पूर्वोत्तर राज्यों में भी टैक्स कंप्लायंस में सुधार देखने को मिला, जिससे उनकी कलेक्शन ग्रोथ 10% से अधिक रही।
🔹 किन सेक्टर्स ने दी तेजी?
इस महीने जीएसटी कलेक्शन में तेजी लाने वाले प्रमुख सेक्टर रहे:
- ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग
- इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन
- ई-कॉमर्स और सर्विस इंडस्ट्री
- टेलीकॉम और फाइनेंशियल सर्विसेज
त्योहारी सीजन के कारण ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर गुड्स की बिक्री में वृद्धि हुई, जिससे टैक्स कलेक्शन पर सीधा असर पड़ा।
🔹 पिछले साल की तुलना में स्थिति
अक्टूबर 2024 में जीएसटी कलेक्शन ₹1.87 लाख करोड़ रहा था, जबकि इस साल यह आंकड़ा ₹1.96 लाख करोड़ पहुंच गया — यानी लगभग ₹9,000 करोड़ की वृद्धि।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह वृद्धि दर्शाती है कि टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और डिजिटल मॉनिटरिंग का असर दिख रहा है।
🔹 सरकार का बयान
वित्त मंत्रालय ने कहा — “GST कलेक्शन में यह वृद्धि भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिरता और खपत आधारित विकास को दर्शाती है।” मंत्रालय ने यह भी बताया कि डिजिटल इनवॉयसिंग और e-way बिल ट्रैकिंग से टैक्स चोरी में भारी कमी आई है।
राजस्व सचिव के अनुसार, “देश की GDP ग्रोथ और टैक्स कलेक्शन का संबंध अब अधिक स्थायी रूप में दिखने लगा है।”
🔹 आने वाले महीनों की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर और दिसंबर में भी जीएसटी कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के करीब रह सकता है, क्योंकि इन महीनों में त्योहारी बिक्री, ट्रैवल और सर्विस सेक्टर में तेज़ी देखने को मिलती है।
- त्योहारी मांग से ई-कॉमर्स में 12% वृद्धि
- रियल एस्टेट और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ा
- बिज़नेस कंप्लायंस और रिटर्न फाइलिंग बेहतर हुई
⚠️ चेतावनी और सुझाव
- यह लेख केवल वित्तीय जानकारी और एनालिसिस के उद्देश्य से लिखा गया है।
- सरकारी आंकड़े मासिक संशोधन के बाद बदल सकते हैं।
- निवेशक निर्णय लेने से पहले आधिकारिक वित्त मंत्रालय रिपोर्ट देखें।
🔹 निष्कर्ष
अक्टूबर 2025 का जीएसटी कलेक्शन भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत देता है। 4.6% की वृद्धि यह साबित करती है कि उपभोक्ता खर्च और व्यापारिक गतिविधियाँ मजबूत हो रही हैं। यदि यह रफ्तार जारी रही तो वित्त वर्ष 2025-26 में जीएसटी रेवेन्यू ₹2.1 लाख करोड़ का नया रिकॉर्ड बना सकता है।
“GST कलेक्शन में लगातार वृद्धि — भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती की पहचान।”
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