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भारतीय सामान पर अब अतिरिक्त 25% टैरिफ नहीं लगेगा

Last Updated: February 11, 2026

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भारतीय सामान पर अब अतिरिक्त 25% टैरिफ नहीं लगेगा

US Customs की नई अधिसूचना से भारत को बड़ी राहत।

भारत के लिए अमेरिका से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग (US Customs) ने आधिकारिक रूप से सूचित किया है कि अब भारतीय वस्तुओं (Indian Goods) पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं होगा। इस फैसले को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

क्या था 25% अतिरिक्त टैरिफ?

इससे पहले कुछ श्रेणियों में आने वाले भारतीय उत्पादों पर अमेरिका की ओर से:

• सामान्य आयात शुल्क के अलावा।

• अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया जा रहा था।

इसका असर भारतीय निर्यातकों, खासकर स्टील, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक उत्पादों पर पड़ रहा था।

US Customs ने क्या कहा?

US Customs की नई अधिसूचना के अनुसार:

• भारतीय मूल के सामान अब अतिरिक्त 25% शुल्क के दायरे में नहीं आएंगे।

• संबंधित टैरिफ नियमों में संशोधन कर दिया गया है।

• नई व्यवस्था तुरंत या तय तिथि से लागू होगी।

इसका मतलब यह है कि अब भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाज़ार में लागत के मोर्चे पर राहत मिलेगी।

भारत को क्यों है यह फैसला अहम?

यह फैसला भारत के लिए कई मायनों में अहम है:

🇮🇳 भारतीय सामान अमेरिका में ज्यादा प्रतिस्पर्धी होगा

📈 निर्यात बढ़ने की संभावना

🏭 मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती

💼 रोजगार सृजन पर सकारात्मक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Make in India और Export-led growth को बढ़ावा मिलेगा।

किन सेक्टर्स को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस निर्णय से खासतौर पर इन क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है:

• स्टील और मेटल उत्पाद।

• इंजीनियरिंग गुड्स।

• औद्योगिक मशीनरी।

• ऑटो कंपोनेंट्स।

• कुछ केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग आइटम्स।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है।

इस फैसले से:

• दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम होगा।

• भविष्य में फ्री और फेयर ट्रेड की संभावनाएं बढ़ेंगी।

• रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी मजबूत होगी।

विशेषज्ञ इसे आने वाले समय में नए ट्रेड एग्रीमेंट्स की भूमिका के रूप में भी देख रहे हैं।

निर्यातकों और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

भारतीय उद्योग जगत ने इस फैसले का स्वागत किया है।निर्यातकों का कहना है कि:

• अतिरिक्त टैरिफ हटने से लागत घटेगी।

• अमेरिकी ऑर्डर्स में बढ़ोतरी हो सकती है।

• लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी।

आगे क्या?

हालांकि यह फैसला राहत भरा है, लेकिन जानकारों का मानना है कि:

• भारत को अमेरिका के साथ स्थायी व्यापार समाधान पर काम करना होगा।

• टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को और कम करने की जरूरत हैवै।

• श्विक व्यापार नियमों में संतुलन बनाए रखना अहम होगा।

निष्कर्ष

US Customs की अधिसूचना के बाद भारतीय सामान पर से अतिरिक्त 25% टैरिफ हटना भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।इससे न सिर्फ भारतीय कंपनियों को राहत मिलेगी, बल्कि भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों को भी नई मजबूती मिलेगी।

📌 Disclaimer

यह लेख सार्वजनिक व्यापार सूचनाओं और सामान्य आर्थिक विश्लेषण पर आधारित है। टैरिफ नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित अधिसूचनाएँ देखें।