लालू अपने बेटे को बिहार का CM बनाना चाहते हैं, सोनिया अपने बेटे को PM लेकिन दोनों पद खाली नहीं हैं: अमित शाह
पटना, अक्टूबर 2025: बिहार की राजनीति में फिर से हलचल मच गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार के सासाराम में हुई एक जनसभा के दौरान लालू प्रसाद यादव और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा, “लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री, लेकिन दोनों पद खाली नहीं हैं।”
1️⃣ अमित शाह का बयान: ‘दोनों पद खाली नहीं हैं’
बिहार में आगामी चुनावों की तैयारी में जुटे भाजपा के नेता अमित शाह ने जनसभा में कहा कि विपक्षी दल परिवारवाद की राजनीति में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने पहले भी “वंशवाद” की राजनीति को नकारा था और 2025 में भी नकारेगी।
शाह ने कहा, “लालू यादव अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, जबकि बिहार की जनता ने पहले ही मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को स्वीकार किया है। और जहां तक प्रधानमंत्री की बात है, देश के पास पहले से ही मोदी जैसा लोकप्रिय और मजबूत नेता है।”
2️⃣ भाजपा का निशाना ‘परिवारवाद’ पर
अमित शाह का यह बयान विपक्ष पर भाजपा के पारंपरिक हमले को दोहराता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियों में लोकतंत्र नहीं, बल्कि परिवार का शासन चलता है।
- 🗣️ राजद (RJD): लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को बिहार की गद्दी पर बैठाना चाहते हैं।
- 🏛️ कांग्रेस (INC): सोनिया गांधी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री देखना चाहती हैं।
- 💪 भाजपा: योग्यता और जनसेवा के आधार पर नेतृत्व देती है।
शाह ने कहा कि भाजपा “जनता के भरोसे की राजनीति” करती है, न कि “परिवार के भरोसे”।
3️⃣ बिहार चुनावी माहौल में गरमाई सियासत
अमित शाह के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। राजद नेताओं ने शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा बिहार में जनाधार खो चुकी है और अब केवल बयानबाज़ी कर रही है।
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि बिहार की जनता “डबल इंजन सरकार” चाहती है, ताकि विकास की गति तेज़ हो।
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4️⃣ अमित शाह ने नीतीश कुमार सरकार पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने नीतीश कुमार सरकार पर भी हमला करते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार “स्थिरता और विकास” की दुश्मन है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही वास्तविक विकास संभव होगा।
उन्होंने कहा, “नीतीश जी आज न इधर के हैं, न उधर के — जनता सब देख रही है।”
5️⃣ तेजस्वी यादव ने दिया पलटवार
राजद नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शाह के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि भाजपा को केवल चुनाव आते ही बिहार की याद आती है। उन्होंने कहा, “भाजपा ने बिहार को केवल वादे दिए, काम नहीं।”
तेजस्वी ने यह भी कहा कि भाजपा बिहार के युवाओं की बेरोजगारी पर बात करने से बचती है।
6️⃣ सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर कटाक्ष
अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को देश ने कई बार परखा है और हर बार उन्हें नकारा है। उन्होंने कहा, “भारत को मजबूत नेतृत्व चाहिए, न कि भ्रमित विचार।”
भाजपा के अनुसार, नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले दस वर्षों में भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है — चाहे वह अर्थव्यवस्था हो, विदेश नीति हो या सुरक्षा।
7️⃣ जनता के बीच क्या संदेश?
शाह का यह बयान भाजपा के चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा परिवारवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं विपक्ष विकास, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहा है।
- 📈 भाजपा का फोकस: राष्ट्रीय नेतृत्व और स्थिरता।
- 📉 विपक्ष का फोकस: बेरोजगारी और महंगाई।
8️⃣ निष्कर्ष
अमित शाह के बयान ने बिहार की राजनीतिक जंग को और तीखा बना दिया है। जहाँ एक तरफ भाजपा ‘वंशवाद बनाम विकास’ की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे भाजपा की “डर की राजनीति” बता रहा है। 2025 के चुनाव से पहले यह बयान निश्चित तौर पर बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा करेगा।
“राजनीति में परिवार नहीं, जनता सर्वोपरि होनी चाहिए — यही भाजपा का संदेश है।”
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