क्या हुआ — IndiGo को क्यों करना पड़ा ऑपरेशन कम
क्या हुआ — IndiGo को क्यों करना पड़ा ऑपरेशन कमहाल में लागू हुए नए पायलट ड्यूटी नियम (Flight Duty Time Limitations (FDTL)) में बदलावों के बाद पायलटों की ड्यूटी और रेस्ट नियम काफ़ी सख्त हो गए। रात की उड़ानों और रात में लैंडिंग की सीमाएं, पायलटों के लगातार काम व रेस्ट-शेड्यूल आदि पर नई बंदिशें आईं। इस बदलाव के बाद, इंडिगो ने कहा कि उसने अपने क्रू (पायलट + केबिन क्रू) की ज़रूरतों का गलत अनुमान लगाया था — वे आवश्यक संख्या में पायलट उपलब्ध नहीं करा पाए। परिणामस्वरूप, देश भर में सैकड़ों उड़ाने रद्द या देरी हुईं; यात्रियों को मुश्किलें हुईं, एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी देखने को मिली। —
IndiGo की मांग:
नियमों में राहत + 10 फरवरी तक समयइंडिगो ने DGCA को कहा है कि वह पूरी तरह से स्थिर परिचालन (normal operations) 10 फरवरी, 2026 तक बहाल करने का लक्ष्य रख रही है। इसके लिए, उन्होंने अनुरोध किया है कि कुछ FDTL नियमों (विशेष रूप से रात की उड़ानों और ड्यूटी-रिस्ट्रिक्शन्स) पर अस्थायी राहत मिले। इंडिगो ने यह स्वीकार किया है कि “misjudgement and planning gaps” (गलत अनुमान और योजना-संबंधी चूक) ही इस संकट की मूल वजह है। —
DGCA / नियामक की प्रतिक्रिया
DGCA ने — अस्थायी रूप से — कुछ मंजूरियाँ दीं: रात में लैंडिंग और रात की ड्यूटी पर सीमाएं थोड़ी ढीली की गईं, और पायलटों की “साप्ताहिक रेस्ट + छुट्टी” की जटिलता में छूट दी गई। साथ ही DGCA ने इंडिगो से कहा है कि वह एक विस्तृत “रोडमैप” तैयार करे — जिसमें क्रू की भर्ती, प्रशिक्षण, रोस्टर पुनर्गठन और सुरक्षा-जोख़िम (safety risk) आकलन शामिल हो।
रास्ता — क्या उम्मीद रखें?
फिलहाल इंडिगो का कहना है कि 8 दिसंबर से उसने फ्लाइट शेड्यूल कम कर दिया है, ताकि धीरे-धीरे परिचालन को स्थिर किया जा सके। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो 10 फरवरी 2026 तक फ्लाइट्स सामान्य (= पूरा नेटवर्क) बहाल हो सकते हैं। लेकिन यह निर्भर करेगा कि नए नियम + छूट + पायलटों की भर्ती + सुरक्षित उड़ान प्रबंधन — सब ठीक से काम करें।






