“पढ़ो, सोचो… सिर्फ स्क्रॉल मत करो” परीक्षा पे चर्चा में PM मोदी ने TOI से सीख का किया जिक्र
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को पढ़ाई, सोचने की आदत और डिजिटल दौर की चुनौतियों पर अहम संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने जीवन में अख़बार पढ़ने, खासतौर पर Times of India (TOI) जैसे समाचार पत्रों से सोचने और समझने की कला सीखी। प्रधानमंत्री का यह संदेश आज के उस दौर में बेहद प्रासंगिक माना जा रहा है, जहां युवा ज्यादातर समय सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में बिता देते हैं।
“स्क्रॉल नहीं, सोचने की आदत डालो”
PM मोदी ने छात्रों से कहा कि आज जानकारी की कोई कमी नहीं है, लेकिन समझ और विश्लेषण की कमी जरूर हो गई है।
उन्होंने कहा।
• सिर्फ हेडलाइन या शॉर्ट वीडियो देखकर राय मत बनाइए।
• किसी भी विषय को पढ़िए, उस पर सोचिए और सवाल कीजिए।
• पढ़ाई का मकसद नंबर नहीं, समझ विकसित करना होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को “Read, Think, Don’t Scroll” का मंत्र दिया।
TOI से क्या सीखा, PM मोदी ने बताया
प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि:
• अख़बार पढ़ना उनकी दैनिक आदत थी।
• खबरों को सिर्फ पढ़ते नहीं थे, बल्कि उस पर सोचते थे।
• इससे उन्हें दुनिया को समझने और विचार बनाने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि अख़बार पढ़ने से भाषा, सामान्य ज्ञान और विचार शक्ति तीनों मजबूत होती है।
परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाओ।
परीक्षा पे चर्चा में PM मोदी ने दोहराया कि:
• परीक्षा जीवन का अंत नहीं है।
• तनाव से नहीं, आत्मविश्वास से परीक्षा देनी चाहिए।
• माता-पिता और शिक्षक बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें।
उनका कहना था कि परीक्षा को सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा समझना चाहिए, न कि डर का कारण।

डिजिटल दौर में संतुलन जरूरी।
प्रधानमंत्री ने माना कि डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगी हैं।
लेकिन:
• जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम नुकसानदायक है।
• मोबाइल और सोशल मीडिया पढ़ाई में बाधा बन सकते हैं।
• टेक्नोलॉजी का उपयोग साधन की तरह, मालिक की तरह नहीं।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि मोबाइल का इस्तेमाल सीमित रखें और गहरी पढ़ाई (Deep Reading) की आदत डालें।
छात्रों के लिए PM मोदी के 5 अहम संदेश
1️⃣ रोज़ पढ़ने की आदत डालें।
2️⃣ जो पढ़ें, उस पर सोचें।
3️⃣ सवाल पूछने से न डरें।
4️⃣ तुलना से बचें, अपनी क्षमता पहचानें।
5️⃣ परीक्षा को जीवन का हिस्सा मानें, बोझ नहीं।
क्यों खास है PM मोदी का यह संदेश?
विशेषज्ञों के अनुसार, आज के समय में:
• छात्र जल्दी-जल्दी कंटेंट कंज़्यूम करते हैं।
• ध्यान अवधि (Attention Span) घट रही है।
• गहरी समझ की जगह सतही जानकारी बढ़ रही है।
ऐसे में “Read, Think, Don’t Scroll” का संदेश शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अहम है।
निष्कर्ष
परीक्षा पे चर्चा में PM मोदी का यह संदेश सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की सोच सिखाता है।
अख़बार पढ़ने, सोचने और आत्ममंथन की आदत ही छात्रों को न केवल परीक्षा में, बल्कि जीवन में भी सफल बनाती है।
आज के डिजिटल दौर में PM मोदी का यह मंत्र—
👉 पढ़ो, सोचो और समझो… सिर्फ स्क्रॉल मत करोछात्रों के लिए एक मजबूत मार्गदर्शन बनकर उभरा है।
📌 Disclaimer
यह लेख प्रधानमंत्री के सार्वजनिक संबोधन और शैक्षिक संदेशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना और प्रेरणा देना है।





