RBI ke naye directions teen Co-op Banks ko, do ke liye extension di gayi

Last Updated: October 8, 2025

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RBI ke naye directions teen Co-op Banks ko, do ke liye extension di gayi

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में तीन सहकारी बैंकों को नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जबकि दो अन्य बैंकों के लिए पहले जारी दिशा-निर्देशों की अवधि बढ़ा दी गई है। यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एक महत्वपूर्ण नियामक कदम में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पाँच सहकारी बैंकों पर निगरानी कड़ी कर दी है। RBI ने तीन बैंकों को नई दिशा-निर्देश जारी किए और दो अन्य बैंकों पर पहले से लागू प्रतिबंधों की अवधि बढ़ा दी है। यह कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35A के साथ धारा 56 के तहत की गई है।

पहले से प्रतिबंधित बैंकों पर विस्तार:

1. रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, नई दिल्ली

2. शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, शिरपुर (महाराष्ट्र)RBI ने इन बैंकों पर लागू प्रतिबंधों की अवधि तीन महीने और बढ़ा दी है, अब तक 8 जनवरी 2026 तक।

जिन बैंकों को नई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं

1. केरल मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

RBI ने इस बैंक के संचालन पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें नई ऋण वितरण पर रोक और निकासी सीमा निर्धारित करना शामिल है।

2. गोवा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

इस बैंक को भी RBI ने कुछ संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार करना है।

3. मदगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड

इस बैंक के लिए भी RBI ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें निकासी सीमा और नई ऋण वितरण पर रोक शामिल है।

निकासी और जमा पर प्रतिबंध:

दो समर्थ बैंकों (सोलापुर और उस्मानाबाद): पूरी तरह से निकासी पर रोक।सद्भाव बैंक: जमा राशि में केवल ₹5,000 तक ही निकासी की अनुमति।RBI ने कहा कि पूर्व में निगरानी के बावजूद, इन बैंकों ने पर्याप्त सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, इसलिए ये कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि जमाकर्ताओं के हित सुरक्षित रहें।समय सीमा: ये तीनों बैंक छह महीने तक प्रतिबंधों के तहत संचालन करेंगे और समीक्षा के अधीन होंगे।जमाकर्ताओं की सुरक्षा: योग्य जमाकर्ताओं को ₹5 लाख तक की राशि Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) योजना के तहत कवरेज सुनिश्चित है।

जिन बैंकों के लिए दिशा-निर्देशों की अवधि बढ़ाई गई है:

1. पद्मश्री डॉ. विठ्ठलराव विके पाटिल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेडइस बैंक के लिए RBI ने पहले जारी दिशा-निर्देशों की अवधि बढ़ा दी है, ताकि बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार कर सके।

2. शिवम सहकारी बैंक लिमिटेडइस बैंक के लिए भी RBI ने दिशा-निर्देशों की अवधि बढ़ाई है, जिससे बैंक को अपनी स्थिति सुधारने का और समय मिल सके।

दिशा-निर्देशों के मुख्य बिंदु:

ऋण वितरण पर रोक: नए ऋणों के वितरण पर रोक लगाई गई है, जिससे बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके।निकासी सीमा: ग्राहकों की निकासी पर सीमा निर्धारित की गई है, ताकि बैंक की तरलता बनी रहे।निगरानी और अनुपालन: बैंकों की निगरानी बढ़ाई गई है और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

1. समर्थ सहकारी बैंक लिमिटेड, सोलापुर (महाराष्ट्र)

2. समर्थ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, उस्मानाबाद (महाराष्ट्र)

3. सद्भाव नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, छतरपुर (मध्य प्रदेश)

RBI के इन कदमों का उद्देश्य सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है। बैंकों को इन दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी स्थिति में सुधार कर सकें और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बच सकें।

RBI का उद्देश्य:जनता के हित और वित्तीय स्थिरता की रक्षा करना।सहकारी बैंकिंग क्षेत्र की सेहत पर निरंतर निगरानी बनाए रखना।