Assam Agricultural University ki Lab ne Haasil Kiya NABL Accreditation: Research Quality Mein Bada Kadam
असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी लैबोरेटरी को NABL मान्यता मिली
असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (AAU), जो जोरोहाट में स्थित है, की सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी (CIF) लैबोरेटरी को हाल ही में राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL – National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) से मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे इसकी प्रयोगशाला की गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसा बढ़ेगा।
NABL मान्यता क्या होती है?
NABL मान्यता किसी भी प्रयोगशाला की गुणवत्ता को प्रमाणित करती है। इसका मतलब यह होता है कि उस लैब में किए जाने वाले परीक्षण (testing) और अंशांकन (calibration) के परिणाम अंतरराष्ट्रीय मानकों (ISO/IEC 17025:2017) के अनुरूप हैं।इससे यह सुनिश्चित होता है कि लैब में होने वाले हर प्रकार के वैज्ञानिक विश्लेषण, माप और रिपोर्ट पर पूर्ण भरोसा किया जा सकता है।

असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की लैब में क्या होता है?
AAU की Central Instrumentation Facility लैब में कई अत्याधुनिक उपकरण (advanced instruments) लगे हैं, जिनका उपयोग कृषि, जैव प्रौद्योगिकी (biotechnology), खाद्य विज्ञान (food science), पर्यावरण अध्ययन (environmental studies) और मिट्टी परीक्षण जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।यहां पर किए जाने वाले प्रमुख परीक्षणों में शामिल हैं:मिट्टी और पौधों का पोषक तत्व विश्लेषणखाद्य नमूनों की गुणवत्ता जांचरासायनिक और जैविक परीक्षणउपकरणों का अंशांकन (calibration)
AAU की Central Instrumentation Facility लैब में कई अत्याधुनिक उपकरण (advanced instruments) लगे हैं, जिनका उपयोग कृषि, जैव प्रौद्योगिकी (biotechnology), खाद्य विज्ञान (food science), पर्यावरण अध्ययन (environmental studies) और मिट्टी परीक्षण जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।यहां पर किए जाने वाले प्रमुख परीक्षणों में शामिल हैं:मिट्टी और पौधों का पोषक तत्व विश्लेषणखाद्य नमूनों की गुणवत्ता जांचरासायनिक और जैविक परीक्षणउपकरणों का अंशांकन (calibration)
NABL मान्यता का महत्व:
1. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान:
अब यह लैब भारत ही नहीं, बल्कि विदेशी संस्थानों के साथ भी सहयोग कर सकेगी।
2. विश्वसनीय परिणाम:
अब यहां से प्राप्त कोई भी डेटा या रिपोर्ट सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में मान्य होगी।
3. शोध को बढ़ावा:
NABL प्रमाणन से विश्वविद्यालय के अनुसंधान (research) को और अधिक गति मिलेगी।
4. उद्योगों के लिए लाभ:
कृषि और खाद्य उद्योगों को अब गुणवत्ता जांच के लिए एक विश्वसनीय केंद्र मिल गया है।—
विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धियह मान्यता विश्वविद्यालय के शिक्षकों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की वर्षों की मेहनत का परिणाम है। इससे असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी देश के चुनिंदा कृषि विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हो गई है जिनके पास NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है।
असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की लैब को NABL मान्यता
अनुसंधान गुणवत्ता में नई ऊंचाई जोरोहाट (असम):
असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (AAU) की सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी (CIF) लैबोरेटरी को राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की प्रतिष्ठित मान्यता (Accreditation) प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए अनुसंधान गुणवत्ता और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।
🔬 क्या है NABL मान्यता?
NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) एक राष्ट्रीय संस्था है जो किसी भी प्रयोगशाला की गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर प्रमाणित करती है। AAU की इस लैब को ISO/IEC 17025:2017 मानक के अनुरूप प्रमाणन दिया गया है, जो प्रयोगशालाओं की तकनीकी क्षमता का सबसे बड़ा वैश्विक मानदंड माना जाता है।
🧪 AAU की सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी की विशेषताएं
AAU की यह लैब विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और कृषि वैज्ञानिकों के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एक केंद्रीकृत अनुसंधान केंद्र है।यहां निम्नलिखित क्षेत्रों में परीक्षण और विश्लेषण किए जाते हैं।
मिट्टी पौधों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच रासायनिक और जैविक तत्वों का विश्लेषणकृषि उत्पादों का पोषक तत्व अध्ययन प्रयोगशाला उपकरणों का अंशांकन (Calibration)—
🎯 इस उपलब्धि का महत्व
🔹 विश्वसनीय परिणाम: अब AAU की लैब से जारी सभी परीक्षण रिपोर्ट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होंगी।
🔹 शोध को बढ़ावा: NABL प्रमाणन से वैज्ञानिक अनुसंधान को नई विश्वसनीयता और गति मिलेगी।
🔹 उद्योग और किसानों को लाभ: कृषि, खाद्य और जैव प्रौद्योगिकी उद्योगों को अब गुणवत्ता जांच के लिए एक प्रमाणित केंद्र उपलब्ध रहेगा।
🔹 वैश्विक सहयोग के अवसर: मान्यता के बाद विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और अनुसंधान एजेंसियों के साथ सहयोग बढ़ा सकेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रियाविश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) ने कहा कि, “यह मान्यता असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण है। इससे हमारे शोध कार्यों की विश्वसनीयता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ेगी।
भविष्य की दिशा
NABL मान्यता प्राप्त करने के बाद विश्वविद्यालय अब अपने अनुसंधान नेटवर्क को और विस्तृत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत को कृषि अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाना है।





