क्यों गौतम गंभीर ने हरशित राणा को शिवम दुबे से पहले भेजा — अभिषेक शर्मा ने किया खुलासा
नई दिल्ली, नवंबर 2025: IPL 2025 के एक रोमांचक मुकाबले में गौतम गंभीर की रणनीति ने सभी को चौंका दिया। उन्होंने हरशित राणा को शिवम दुबे से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजकर क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया था। अब अभिषेक शर्मा ने इस फैसले के पीछे की असली वजह का खुलासा किया है।
मैच की पृष्ठभूमि
यह घटना IPL 2025 के एक मुकाबले की है जिसमें टीम मुश्किल स्थिति में थी। गंभीर के इस निर्णय ने तब क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया था। हर किसी के मन में यही सवाल था — “आखिर गंभीर ने राणा को दुबे से पहले क्यों भेजा?”
मैच की उस स्थिति में टीम को तेज़ रन की जरूरत थी और गेंदबाजों पर दबाव बनाना जरूरी था।
अभिषेक शर्मा का बयान
अभिषेक शर्मा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में इस रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा — “गौतम भैया हमेशा प्लानिंग में आगे रहते हैं। उन्होंने देखा कि विपक्षी टीम का स्पिनर ओवर में आने वाला है, इसलिए उन्होंने हरशित को भेजा जो स्पिन के खिलाफ पावर हिटिंग कर सकता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि यह निर्णय पहले से तय नहीं था बल्कि यह मैच की स्थिति देखकर लिया गया “इंस्टेंट टैक्टिकल मूव” था।
गौतम गंभीर की रणनीति — डेटा पर आधारित निर्णय
गंभीर ने हमेशा अपने फैसलों को डेटा और विरोधी खिलाड़ियों की कमजोरियों पर आधारित रखा है। उन्होंने हरशित राणा की बल्लेबाज़ी को एक “सप्राइज वेपन” की तरह इस्तेमाल किया।
- गंभीर को पता था कि विपक्षी टीम के स्पिनर स्लो पिच पर गेंद फेंकेंगे।
- राणा स्पिनर्स पर स्ट्रेट हिट्स खेलने में माहिर हैं।
- यह फैसला विपक्षी कप्तान को चौंकाने के लिए भी था।
गंभीर ने कहा था कि “IPL में अब वही टीम जीतती है जो डेटा के हिसाब से हर मिनट रणनीति बदले।”
शिवम दुबे क्यों नहीं?
कई फैंस यह मान रहे थे कि शिवम दुबे को भेजना बेहतर विकल्प होता। लेकिन गंभीर ने उन्हें रोका क्योंकि उस समय फील्ड में दो तेज़ गेंदबाज थे। दुबे की ताकत स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ हिट करना है, जबकि राणा मिक्स्ड अटैक में तेज़ रन बना सकते हैं।
इसलिए गंभीर ने सोचा कि पहले राणा पिच पर जाएंगे और बाद में दुबे बड़े हिट्स के लिए आएंगे।
हरशित राणा की प्रतिक्रिया
हरशित राणा ने मैच के बाद कहा — “मुझे खुद भी हैरानी हुई जब गंभीर सर ने कहा कि तू अगला जाएगा। लेकिन उन्होंने कहा कि तू जा और बिना सोचे खेल — यही तेरा गेम है।”
उन्होंने आगे कहा कि उस पल उन्हें भरोसा मिल गया कि कोच का यह निर्णय सही है। उन्होंने आते ही 3 छक्के लगाकर मैच का रुख पलट दिया।
टीम का आत्मविश्वास और माहौल
अभिषेक शर्मा ने कहा कि गंभीर टीम के हर खिलाड़ी को मानसिक रूप से तैयार रखते हैं। वे हर मैच से पहले सभी को स्पष्ट रोल बताते हैं ताकि किसी को असमंजस न हो। इस बार भी राणा को बताया गया था कि यदि जल्दी विकेट गिरता है तो वे ऊपर जाएंगे।
इससे टीम के भीतर एक “फ्लेक्सिबल माइंडसेट” बनता है, जो जीत के लिए जरूरी है।
क्रिकेट विश्लेषकों की राय
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि गंभीर के ऐसे साहसी फैसले ही उन्हें एक शार्प स्ट्रैटेजिस्ट बनाते हैं। उन्होंने पहले भी IPL में कई बार बल्लेबाजी क्रम को बदलकर विपक्षी टीम को हैरान किया है।
- डेटा और मनोविज्ञान दोनों का मिश्रण
- परिस्थिति अनुसार रणनीति में बदलाव
- खिलाड़ियों की ताकत का सही इस्तेमाल
⚠️ चेतावनी और सुझाव
- यह लेख केवल विश्लेषण और क्रिकेट समाचार के उद्देश्य से लिखा गया है।
- किसी खिलाड़ी या टीम के खिलाफ व्यक्तिगत राय नहीं दी गई है।
- क्रिकेट रणनीति पर विचार समय और परिस्थिति के अनुसार बदल सकते हैं।
निष्कर्ष
अभिषेक शर्मा के खुलासे से यह साफ हो गया है कि गौतम गंभीर का यह फैसला अचानक नहीं था। यह एक योजनाबद्ध रणनीति थी जिसका मकसद विपक्षी टीम को चौंकाना था। हरशित राणा ने अपने प्रदर्शन से उस विश्वास को सही साबित किया।
एक बार फिर साबित हुआ कि IPL में सफलता केवल बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी पर नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच और नेतृत्व की समझ पर भी निर्भर करती है।
“गंभीर की रणनीति, राणा की हिट्स और टीम की एकजुटता — यही है जीत का फॉर्मूला।”
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