भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 150 बिलियन डॉलर के पार — नया वैश्विक गठबंधन बना

Last Updated: November 1, 2025

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भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 150 बिलियन डॉलर के पार — नया वैश्विक गठबंधन बना

नई दिल्ली, नवंबर 2025: भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री ने एक नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स आउटपुट अब 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर (₹12.5 लाख करोड़) के स्तर को पार कर चुका है। इसके साथ ही भारत अब दुनिया की टॉप-5 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब्स में शामिल हो गया है।

केंद्र सरकार ने इस मौके पर एक नई पहल — “Global Electronics Alliance (GEA)” की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।


🔹 भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर क्यों बढ़ा?

पिछले कुछ वर्षों में भारत में Make in India और Production Linked Incentive (PLI) योजनाओं की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त वृद्धि हुई है।

  • स्मार्टफोन, सेमीकंडक्टर और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की डिमांड तेजी से बढ़ी।
  • Apple, Samsung, Dell, Foxconn और Dixon जैसी कंपनियों ने भारत में प्रोडक्शन बढ़ाया।
  • भारत से अब 120 से अधिक देशों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्यात हो रहा है।

सरकार के अनुसार, अगले 5 वर्षों में यह आंकड़ा USD 300 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।


🔹 नया Global Electronics Alliance क्या है?

भारत, जापान, ताइवान, सिंगापुर और अमेरिका के बीच एक नया Global Electronics Alliance (GEA) बनाया गया है। इस गठबंधन का उद्देश्य सप्लाई चेन को मजबूत करना और चीन पर निर्भरता घटाना है।

  • GEA का हेडक्वार्टर — नई दिल्ली
  • फोकस — सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले पैनल, और बैटरी टेक्नोलॉजी
  • सदस्य देश — भारत, जापान, अमेरिका, ताइवान, वियतनाम

इस एलायंस के तहत भारत में 8 नए इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे, जहां अंतरराष्ट्रीय कंपनियां निवेश कर सकेंगी।


🔹 सरकार की ओर से क्या कहा गया?

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा — “भारत अब केवल मैन्युफैक्चरिंग नहीं, बल्कि इनोवेशन का हब बन चुका है। 150 बिलियन डॉलर का आउटपुट इस बात का सबूत है कि भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रहा है।”

उन्होंने कहा कि PLI स्कीम के दूसरे चरण से अगले तीन वर्षों में 20 लाख से अधिक नई नौकरियाँ बनने की संभावना है।


🔹 किन प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा ग्रोथ?

भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट ये हैं:

  • स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग — ₹5.4 लाख करोड़ से अधिक
  • कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स — टीवी, वॉशिंग मशीन, एसी
  • सेमीकंडक्टर डिजाइन — भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा डिज़ाइन बेस
  • वियरेबल्स और IoT — सालाना 25% ग्रोथ रेट

🔹 विदेशी निवेशकों की रुचि

Apple, Foxconn, Samsung और Dell जैसी कंपनियों ने भारत में अपने निवेश में 30-40% तक वृद्धि की है। वहीं, नए निवेशक जैसे TSMC और Micron भी भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत अब “Next Global Tech Factory” बनने की राह पर है।


🔹 निष्कर्ष

भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री अब ग्लोबल लेवल पर नई ऊँचाइयाँ छू रही है। 150 बिलियन डॉलर का आउटपुट न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है बल्कि यह भारत के टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम है।

“India’s Electronics Revolution — From Assembly Hub to Innovation Powerhouse.”


⚠️ चेतावनी और सुझाव

  • यह लेख केवल सूचनात्मक और विश्लेषणात्मक उद्देश्य के लिए लिखा गया है।
  • कंपनियों के निवेश और उत्पादन आंकड़े सरकारी रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।
  • बाजार में उतार-चढ़ाव या नीतिगत बदलाव से वास्तविक आंकड़े भिन्न हो सकते हैं।

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