PM मोदी ने Goa में 77-फुट लंबी भगवान राम की मूर्ति का अनावरण किया

Last Updated: November 29, 2025

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PM मोदी ने Goa में 77-फुट लंबी राम मूर्ति का अनावरण किया — जानिए पूरा मामला

PM मोदी ने Goa में 77-फुट लंबी भगवान राम की मूर्ति का अनावरण किया

आज दक्षिण गोवा के Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Math (पार्टगाली मठ) में एक ऐतिहासिक क्षण आया, जब भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 77-फुट ऊँची कांस्य की भगवान राम की मूर्ति का अनावरण किया। यह उन भव्य कार्यक्रमों में शामिल है, जो मठ की 550वीं वर्षगांठ (Sardha Panchashatamanotsava) के लिए आयोजित की गई हैं।

1. अनावरण समारोह: गोवा में धार्मिक और भव्य आयोजन

समारोह के दौरान —

  • प्रधानमंत्री ने मूर्ति का अनावरण किया,
  • इसके साथ ही मठ परिसर में बनाए गए नए Ramayana Theme Park का उद्घाटन भी किया गया,
  • और 550वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्मारक सिक्का व डाक टिकट (कॉमेमोरेटिव सिक्का–स्टाम्प) भी जारी किया गया।

2. 77-फुट मूर्ति: क्यों है खास?

  • यह मूर्ति कांस्य (ब्रॉन्ज़) की है, जिसे प्रसिद्ध मूर्तिकार Ram Sutar — जिन्होंने Statue of Unity बनाई थी — के निर्देशन में तैयार किया गया।
  • आयोजकों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विश्व की सबसे ऊँची भगवान राम की मूर्ति मानी जा रही है।
  • मठ परिसर, जो पहले से ही धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा है, अब इस मूर्ति के साथ पर्यटन व तीर्थाटन स्थल के रूप में और महत्व हासिल करेगा।

3. मठ का इतिहास व 550वीं वर्षगांठ

Partagali मठ दक्षिण गोवा के Canacona ज़िले में स्थित है। यह मठ सदियों से सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक सेवा का केंद्र रहा है। इस वर्ष मठ अपनी 550वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसके लिए 27 नवंबर से 7 दिसंबर तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। अनावरण समारोह इसी श्रृंखला का मुख्य आकर्षण रहा।

4. पीएम मोदी का संबोधन: एकता, संस्कृति व पुनरुत्थान का संदेश

मूर्ति अनावरण के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मीयतापूर्ण संबोधन में कहा कि आज का दिन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि “भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान” का प्रतीक है। उनका मानना है कि समाज की एकता, सामूहिक प्रयास व सांस्कृतिक विरासत को पहचानने की भावना से ही देश आगे बढ़ेगा।साथ ही, उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, प्राकृतिक खेती, स्वास्थ्य, योग आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें — यह मठ की 550-वर्षीय विरासत और आधुनिक भारत की आकांक्षाओं के बीच एक सेतु हो सकता है।

5. Ramayana Theme Park व धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय

मूर्ति के साथ ही गोवा मठ परिसर में बनाए गए Ramayana थीम पार्क का उद्घाटन भी हुआ, जिसे धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में यह स्थान तीर्थयात्रियों, परिवारों और इतिहास व संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए आकर्षक गंतव्य बन जाएगा।

6. लोकल और राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मठ अनुयायी व पर्यटक मौजूद थे। छवि-वर्णन रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय लोगों में खुशी और गर्व की भावना थी — उनका कहना था कि इस तरह की मूर्ति व आयोजन गोवा को धार्मिक पर्यटन व सांस्कृतिक दृष्टि से नई पहचान देगा। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी इस कदम को “भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा व पुनर्स्थापना” की दिशा में अहम बताया जा रहा है।

7. क्या यह सिर्फ धार्मिक प्रतीक है या पर्यटन व विकास का ज़रिया?

इस मूर्ति व थीम पार्क के माध्यम से —

  • मठ परिसर को एक आधुनिक तीर्थ-स्मरण व पर्यटन स्थल का रूप मिलेगा,
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन, होटेल-हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा,
  • भौतिक निर्माण व संस्कृति संरक्षण के बीच संतुलन बना रहेगा,
  • और देश व विदेश से आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक भारत की सांस्कृतिक विरासत से फिर जुड़ेंगे।

8. निष्कर्ष

28 नवंबर 2025 — यह तारीख गोवा के Partagali मठ और भारत-वासियों के लिए एक नया अध्याय लेकर आई है। 77-फुट लंबी भगवान राम की कांस्य मूर्ति, Ramayana थीम पार्क, 550वीं वर्षगांठ, और एकता व संस्कृति का संदेश — इन सबने मिल कर इस दिन को ऐतिहासिक बना दिया है। चाहे आप श्रद्धालु हों, इतिहास में रुचि रखने वाले हों या पर्यटन के शौकीन — यह स्थल आने वाले समय में आपके लिए जरूर आकर्षक बन जाएगा।


डिस्क्लेमर

यह लेख सार्वजनिक मीडिया रिपोर्ट्स व आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर लिखा गया है। पंडाल, प्रतिमा, पार्क और कार्यक्रम से जुड़े विवरण — जैसे कि मूर्ति की ऊँचाई, मठ का इतिहास व अनावरण की तारीख — समाचार पत्रों व संस्थागत घोषणाओं से लिए गए हैं। यदि आप यात्रा या दर्शन का विचार कर रहे हैं, तो कृपया मठ अथवा स्थानीय प्रशासन से नवीनतम जानकारी अवश्य लें।